Tata Punch Honest Review After 35,000 KM: साल की ओनरशिप, पहाड़ी यात्राएं और मेरा वास्तविक अनुभव

Owner – Ankit Manjariya

मेरा नाम अंकित मंजरिया है। पिछले तीन वर्षों से मैं अपनी Tata Punch चला रहा हूँ। इस दौरान मैंने इससे सिटी ड्राइविंग के ससाथ-साथ लंबी रोड ट्रिप्स पर भी इस्तेमाल किया है। अब तक यह कार लगभग 35,000 किलोमीटर चल चुकी है और इस दौरान मैंने इसे हर तरह की सड़क पर परखा है।

अगर 35,000 किलोमीटर चलाने के बाद मुझे Tata Punch के बारे में सिर्फ एक लाइन में अपनी राय देनी हो, तो मैं यही कहूँगा कि

“यह कार हॉर्सपावर से ज़्यादा आत्मविश्वास देती है।”

भारतीय सड़कों पर कई बार इंजन की ताकत से ज़्यादा मायने उस भरोसे का होता है जो कार आपको हर परिस्थिति में देती है।

मैंने Tata Punch को सिर्फ ऑफिस आने-जाने या सिटी ड्राइव करने के लिए ही उपयोग नहीं किया। बल्कि यह कार मेरे साथ धर्मशाला, मनाली, रोहतांग पास, गंगोत्री, नैनीताल और मसूरी जैसी कई लंबी पहाड़ी यात्राओं (mountain trips) पर भी गई है। इन ट्रिप्स में मेरी टाटा पंच ने मुझे बहुत ही यादगार अनुभव दिया। मेरी यात्रा के दौरान मुझे शानदार हाईवे भी मिले, टूटे हुए पहाड़ी रास्ते भी और ऐसे हिस्से भी जहाँ सड़क कम और ऑफ-रोड ट्रैक ज़्यादा महसूस होता था।

इन सभी अनुभवों के बाद मुझे लगता है कि अब मैं Tata Punch के बारे में वो सब कुछ जान गया हो जो कि एक शोरूम और स्पेसिफिकेशन नहीं बता सकता, में अपनी इस कार के बारे में अपने ओनर एक्सपीरियंस के आधार पर बात कर सकता हूँ।

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पहाड़ों में Tata Punch का प्रदर्शन कैसा रहा?

Pahadon Me Tata Punch Ka Performance Kaisa Hai?

जब मैंने Tata Punch खरीदी थी, तब सबसे बड़ा सवाल यही था कि इसका 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन पहाड़ों पर कैसा प्रदर्शन करेगा। उस समय कई लोगों ने मुझे कहा था कि यह कार अंडरपावर्ड है और पहाड़ों पर इसे चलाने में दिक्कत होगी। लेकिन करीब 35,000 किलोमीटर चलाने के बाद मेरा अनुभव कुछ अलग कहता है।

अगर आपकी ड्राइविंग स्किल अच्छी है और आप हर समय तेज़ रफ्तार या रेसिंग जैसी ड्राइविंग नहीं करते, तो Tata Punch पहाड़ी रास्तों पर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करती है।

मैंने रोहतांग पास और गंगोत्री जैसे कठिन रास्तों पर पूरी फैमिली और पूरे सामान के साथ ड्राइव की है। इन यात्राओं के दौरान मुझे कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि कार कार अंडरपॉवर है और स्ट्रगल कर रही है।

हाँ मसूरी में कई जगह ऐसी खड़ी चडाई थी जहाँ पर सही समय पर सही गियर चुनना पड़ता है, लेकिन यह लगभग हर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल कार की सामान्य विशेषता है।

इन यात्राओं में सबसे बड़ा फायदा इसका हाई ग्राउंड क्लीयरेंस साबित हुआ।

कई जगह ऐसे खराब रास्ते मिले जहाँ दूसरी कारों को नीचे लगने की चिंता रहती है, लेकिन Punch के साथ मुझे ऐसी परेशानी बहुत कम महसूस हुई। अगर आप अक्सर पहाड़ी इलाकों या खराब सड़कों पर यात्रा करते हैं, तो इसका ग्राउंड क्लीयरेंस आपकी ड्राइव को काफी तनावमुक्त बना देता है।

हेयरपिन मोड़ों पर इसकी स्टीयरिंग हल्की और नियंत्रित महसूस होती है। साथ ही ड्राइविंग पोज़िशन ऊँची होने के कारण चारों तरफ अच्छी विजिबिलिटी मिलती है, जिससे पहाड़ों पर ड्राइविंग और भी आसान लगती है।

Suspension – यह इस कार की सबसे बड़ी ताकत

TTata Punch Suspension- Is Gaadi Ki Sabse Badi Strength

अगर आज भी कोई मुझसे पूछे कि Tata Punch की सबसे बड़ी खूबी क्या है, तो मेरा जवाब बिना किसी हिचकिचाहट के होगा इसका Suspension.

भारतीय सड़कों की स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि Tata Motors ने इस कार का सस्पेंशन खास तौर पर हमारे देश की सडकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया है।

चाहे गांव की टूटी सड़कें हों, बड़े गड्ढे, खराब हाईवे, पहाड़ी रास्ते या स्पीड ब्रेकर जो भी हो, Punch इन सभी परिस्थितियों को अच्छी तरह से संभालती है।

इसमें लंबी यात्राओं के के बाद मैंने एक बात बार-बार महसूस की कि उम्मीद के मुकाबले थकान कम होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस कार को मैंने भोपाल से नैनीताल तक लगभग 1045 किलोमीटर लगातार चलाया है लेकिन इससे बाद भी मुझे जरा भी थकावट महसूस नहीं हुई।

खरब सड़कों पर इस कार में थोड़े झटके तो लगते हैं लेकिन इसका सस्पेंशन उन्हें काफी हद तक सोख लेता है, जिससे केबिन के अंदर आराम बना रहता है।

तीन साल की ओनरशिप के बाद भी यही वह चीज़ है जिसने मुझे सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है।

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माइलेज ने मुझे सच में हैरान कर दिया

SUV जैसी1030 kg की बॉडी और पहाड़ी यात्राएं और पूरी फैमिली के साथ सफर को देखते हुए मैंने माइलेज से बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं रखी थी। लेकिन फिर भी इस Tata Punch ने इस मामले में मुझे निराश नहीं किया।

कई लंबी पहाड़ी यात्राओं के दौरान, जब कार पूरी तरह लोडेड थी, तब भी मुझे लगभग 18–19 kmpl का माइलेज मिला।हाईवे पर यदि स्पीड नियंत्रित रखते हैं और 80-100 तक इसे क्रूज़ करते हैं तो इसका माइलेज आपको 20-22 KMPL तक भी देखने को मिल सकता है ।

बेशक माइलेज हमेशा ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक और सड़क की स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन मेरी ओनरशिप के दौरान Punch का कुल फ्यूल एफिशिएंसी अनुभव संतोषजनक रहा।

Tata की Safety और Build Quality का भरोसा

किसी भी कार की स्पेसिफिकेशन शीट बहुत कुछ बताती है, लेकिन असली भरोसा तब बनता है जब आप उसे रोज़मर्रा की परिस्थितियों में चलाते हैं।

Tata Punch की ऊँची ड्राइविंग पोज़िशन ड्राइवर को अच्छा विज़न देती है और दरवाज़े बंद करते समय मिलने वाला मजबूत एहसास इसकी बिल्ड क्वालिटी पर विश्वास बढ़ाता है।

चाहे हाईवे हो या पहाड़ी सड़कें, मुझे कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि कार अस्थिर या हल्की लग रही है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके कॉम्पैक्ट डिज़ाइन के बावजूद इसकी रोड प्रेज़ेंस भी अच्छी महसूस होती है।

अब बात उन कमियों की, जो तीन साल की ओनरशिप के दौरान महसूस हुईं

tata punch

कोई भी कार हर मामले में परफेक्ट नहीं होती और Tata Punch में भी कुछ कमियां है । लगभग 35,000 KM चलाने के बाद कुछ ऐसी बातें सामने आईं, जिन्हें अगर कंपनी आने वाले अपडेट्स में सुधार दे, तो यह कार और भी बेहतर बन सकती है।

1. AC चलने पर इंजन थोड़ा सुस्त महसूस होता है

यह बात मैंने ओनरशिप के शुरुआती दिनों से ही नोटिस की थी।

जब AC फुल स्पीड पर चलता है, खासकर गर्मियों के मौसम में, तो इंजन पर उसका हल्का असर महसूस होता है। एक्सीलरेशन पहले जितना फुर्तीला नहीं लगता और कार थोड़ी धीमी प्रतिक्रिया देती है।

शहर के सामान्य ट्रैफिक में यह कोई बड़ी परेशानी नहीं बनती, लेकिन अगर उसी समय तेज़ ओवरटेक करना हो या अचानक स्पीड बढ़ानी हो, तो इंजन पर AC का लोड महसूस किया जा सकता है।

एक और बात जो मैंने नोटिस की, वह AC की कूलिंग से जुड़ी है। जब कार लंबे समय तक न्यूट्रल पर खड़ी रहती है, तब कूलिंग चलते हुए वाहन की तुलना में थोड़ी कम प्रभावी लगती है।

शुरुआत में मुझे लगा कि शायद यह दिक्कत शायद सिर्फ मेरी ही कार में है लेकिन बाद में कई Tata Punch ओनर्स के रिव्यु देखे तो ऐसा पता चला कि कुछ लोगों ने भी ऐसा महसूस किया है। हालांकि, यह हर कार में हो, ऐसा कहना सही नहीं होगा।

2. टर्बो इंजन का विकल्प होता, तो ड्राइविंग और मज़ेदार हो जाती

रोजाना ड्राइविंग के लिए Punch का 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन पूरी तरह पर्याप्त है। शहर में यह आराम से चलती है और सामान्य उपयोग में कभी भी आपको इसका इंजन अंडरपॉवर नहीं लगेगा।

लेकिन हाईवे पर पूरी फैमिली और सामान के साथ सफर करते समय, खासकर तेज़ ओवरटेक के दौरान, कभी-कभी ऐसा लगता है कि इस कार में थोडा पॉवर और होता तो मजा आ जाता।

ऐसे मौकों पर लगता है कि अगर Tata Punch में टर्बो इंजन का विकल्प भी मिलता, तो ड्राइविंग अनुभव और बेहतर हो सकता था।

हालांकि, अगर आपकी ड्राइविंग शांत और आरामदायक है, तो यह कमी शायद आपको उतनी महसूस न हो।

3. रियर सीट स्पेस बेहतर हो सकता था

फ्रंट सीट पर बैठने वाले ड्राइवर और को-ड्राइवर के लिए पर्याप्त जगह मिल जाती है और लंबी दूरी की यात्रा में भी कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती।

लेकिन पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए लेगरूम इस सेगमेंट में सबसे बेहतर नहीं कहा जा सकता।

वैसे तो में टाटा पंच में पीछे यानी रियर सीट पर एक दो बार ही बैठा हूँ लेकिन पीछे बैठने वाले मेरे परिवार के लोगो ने ये बताया कि लंबी यात्रा के दौरान पैरों के लिए जगह (Leg room) थोड़ी कम महसूस होती है।

चार सदस्यों वाले सामान्य परिवार के लिए यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन अगर अक्सर लंबे कद वाले लोग 5 फीट 10 इंच या पीछे बैठते हैं, तो उन्हें लंबी दूरी में दिक्कत महसूस हो सकती है।

35,000 KM चलाने के बाद क्या मैं Tata Punch फिर से लूंगा?

Tata punch after 35000 KM

यह सवाल मुझसे कई लोगों ने पूछा है और इसका जवाब पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी प्राथमिकताएँ क्या हैं।

अगर आप ऐसी कार चाहते हैं जिसमें

  • बेहतर सुरक्षा हो
  • अच्छा Ground Clearance मिले
  • खराब सड़कों पर आरामदायक Suspension हो
  • पहाड़ी रास्तों पर भरोसेमंद प्रदर्शन मिले
  • रोज़मर्रा की ड्राइविंग आसान हो

तो मेरा जवाब होगा- हाँ, मैं आज भी Tata Punch खरीदना पसंद करूँगा।

लेकिन अगर आपकी पहली प्राथमिकता तेज़ एक्सीलरेशन, टर्बो जैसी परफॉर्मेंस या पीछे ज़्यादा जगह है, तो खरीदने से पहले Tata Nexon, Maruti Fronx या दूसरे विकल्प भी देख लेने चाहिए।

मेरे लिए Tata Punch की सबसे बड़ी ताकत इसकी Reliability रही है। पिछले तीन सालों में इस कार ने मुझे धर्मशाला, मनाली, रोहतांग पास, गंगोत्री, नैनीताल और मसूरी जैसी कई यात्राओं पर बिना किसी बड़ी परेशानी के पहुँचाया है।

यही कारण है कि आज भी जब किसी नई रोड ट्रिप की योजना बनती है, तो मुझे कार की क्षमता को लेकर चिंता नहीं होती।

अगर आज मुझे फिर से लगभग 10 लाख के बजट में एक सुरक्षित, आरामदायक और खराब सड़कों के लिए भरोसेमंद कार चुननी हो, तो Tata Punch मेरी शॉर्टलिस्ट में ज़रूर रहेगी।

35,000 KM चलाने बाद

CategoryRating
Overall Ownership8.5/10

मुझे सबसे अच्छी बातें क्या लगीं?

  • Excellent Suspension
  • High Ground Clearance
  • Confident Hill Performance
  • Comfortable Driving Position
  • Good Highway Mileage
  • Safety Confidence
  • Strong Road Presence

किन चीज़ों में सुधार होना चाहिए

  • न्यूट्रल पर AC की कूलिंग अपेक्षाकृत कम प्रभावी लगती है।
  • Rear Seat Legroom थोड़ा कम है।
  • AC ON होने पर पिकअप थोड़ा कम महसूस होता है।
  • Full Load में ओवरटेक करते समय पहले से योजना बनानी पड़ती है।

अंतिम राय

Tata Punch हर मामले में परफेक्ट कार नहीं है, लेकिन तीन साल और 35,000 किलोमीटर की ओनरशिप के बाद मैं इतना ज़रूर कह सकता हूँ कि इसने कभी मुझे अपनी विश्वसनीयता पर संदेह करने का मौका नहीं दिया।

अगर आपकी प्राथमिकता सुरक्षा, अच्छा सस्पेंशन, खराब सड़कों पर बेहतरीन प्रदर्शन और माउंटेन ट्रिप्स है तो Tata Punch आज भी इस बजट की सबसे भरोसेमंद कारों में से एक है।

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