Hyundai Creta 1.5 Petrol IVT Highway Mileage Review: बेंगलुरु से चेन्नई की इस ड्राइव ने मेरी राय पूरी तरह बदल दी

क्या एक पेट्रोल ऑटोमैटिक SUV से सच में 19 KM/L तक का माइलेज मिल सकता है?

सच कहूँ तो अगर कुछ महीने पहले कोई मुझसे पूछता कि क्या Hyundai Creta 1.5 Petrol IVT हाईवे पर लगभग 19 KM/L का माइलेज दे सकती है, तो शायद मैं भी इस बात पर आसानी से विश्वास नहीं करता। आखिर एक 1500 cc की पेट्रोल ऑटोमैटिक SUV से इतनी ज्यादा एफिशिएंसी की उम्मीद कम ही लोग रखते हैं। लेकिन बेंगलुरु से चेन्नई तक की मेरी हालिया यात्रा ने मेरी इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया।

वैसे ये ट्रिप कोई मैंने माइलेज टेस्ट करने के लिए बिलकुल नहीं थी और न तो मैंने एयर कंडीशनर बंद किया, न खाली सड़क ढूँढकर जबरदस्ती ‘इको ड्राइविंग’ करने की कोशिश की और न ही मेरा कोई रिकॉर्ड बनाने का इरादा था।

इस ट्रिप के दौरान मैं हमेशा की तरह धुन में सामान्य तरीके से गाड़ी चला रहा था। लेकिन जब चेन्नई पहुँचकर मैंने कार रोकी और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर नज़र डाली, तो कुछ सेकंड के लिए मैं खुद हैरान होकर स्क्रीन को देखता रह गया।

स्क्रीन पर 18.8 KM/L का करंट ट्रिप एवरेज दिखाई दे रहा था। मुझे लगा शायद कोई तकनीकी गड़बड़ी होगी क्योंकि कई बार ओडोमीटर में रीडिंग बिलकुल सही नहीं होती, इसलिए मैंने दोबारा चेक किया और ट्रिप स्क्रीन बदली। वहाँ एक जगह 18.5 KM/L और फिर से पेट्रोल डलवाने के बाद की स्क्रीन पर 19.1 KM/L दिखाई दे रहा था। इन रीडिंग्स को देखकर मुझे लगा कि इस पूरे अनुभव को बाकी लोगों के साथ भी साझा करना चाहिए, क्योंकि इंटरनेट पर अक्सर क्रेटा के इस IVT वेरिएंट को लेकर बहुत ही आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी मिलती है।

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यह कोई माइलेज टेस्ट नहीं है बल्कि एक रियल-वर्ल्ड हाईवे यात्रा है

Hyundai Creta 1.5 Petrol IVT Highway Mileage Review

आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया पर माइलेज से जुड़े कई तरह के विडियो और पोस्ट डालते हैं। कहीं कार को जबरदस्ती 60 KM/h की रफ्तार पर कछुए की तरह चलाकर टेस्ट किया जाता है, तो कहीं माइलेज बढ़ाने के चक्कर में चिलचिलाती गर्मी में भी एयर कंडीशनर बंद कर दिया जाता है। लेकिन मेरी यह यात्रा बिल्कुल सामान्य थी। डिग्गी में हमारा पूरा सामान रखा था, एयर कंडीशनर पूरी यात्रा में लगातार ऑन था, रास्ते में सामान्य हाईवे ट्रैफिक भी मिला और जहाँ ज़रूरत पड़ी, वहाँ मैंने बेझिझक ओवरटेक भी किया। यानी जिस तरह एक आम परिवार अपनी कार को लेकर सफर पर निकलता है, यह पूरा सफर बिल्कुल वैसे ही तय किया गया था।

मेरी यात्रा एक नज़र में

विवरणजानकारी
वाहनHyundai Creta 1.5 Petrol IVT
ईंधनIndianOil XP95
मार्गबेंगलुरु to चेन्नई
कुल दूरी (Trip Distance)लगभग 350 KM
गाड़ी की कुल रनिंग (Odometer)4,444 KM
औसत स्पीड90–100 KM/h
इंजन RPMलगभग 2,000
एयर कंडीशनरपूरी यात्रा में चालू (100%)

मैं सुबह-सुबह बेंगलुरु के बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक को पार करके हाईवे पर निकला था। जैसे ही खुला रास्ता शुरू हुआ, ड्राइव का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सड़कें साफ थीं और मौसम भी ड्राइविंग के लिए काफी सुहावना था।

 मैंने पहले ही मन में तय कर लिया था कि इस बार हाईवे पर कोई जल्दबाज़ी नहीं करूँगा। मेरा मानना है कि अगर आपको कहीं भी 5-10 मिनट जल्दी पहुचने के लिए बार-बार तेज़ एक्सीलरेशन करना पड़े और पैनिक ब्रेकिंग हो, तो उससे बेहतर है कि आराम से क्रूज़ किया जाए। शायद मेरा यही एक फैसला पूरी यात्रा का सबसे अच्छा और टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

शुरुआत से ही मैंने एक नियम बना लिया था

मेरी कोशिश सिर्फ इतनी थी कि पूरे सफर में गाड़ी की स्पीड को जितना हो सके स्थिर (Constant) रखा जाए। इसलिए मैंने पूरे रास्ते 90 से 100 KM/h के बीच ही गाड़ी चलाई, क्योंकि यही स्पीड मुझे इस कार के इंजन और गियरबॉक्स के हिसाब से सबसे अच्छी लगती है, इस रफ्तार पर इंजन केवल 2,000 RPM पर चल रहा था और केबिन के अंदर इतनी गज़ब की शांति थी कि इंजन की आवाज़ ही नहीं आती ऐसा लगता की कार बस रोड पे धुड़क रही हो। अगर म्यूज़िक बहुत धीमी आवाज़ में भी चल रहा हो, तो केबिन में सिर्फ टायरों की हल्की सी आवाज़ आती है। उस स्मूद क्रूज़िंग को देखकर मेरे मन में पहली बार यह बात आई कि लोग क्रेटा को लंबी दूरी की एक बेहतरीन और आरामदायक फैमिली SUV क्यों कहते हैं।

पहली बार IVT गियरबॉक्स को अलग नज़रिए से देखा

इस यात्रा से पहले मेरी खुद की यह राय थी कि IVT या CVT गियरबॉक्स सिर्फ शहर के ट्रैफिक में रेंगने के लिए तो बढ़िया होते हैं, लेकिन हाईवे पर इनके साथ ड्राइविंग का कोई मज़ा नहीं आता। मगर इस सफर ने मेरा यह नजरिया पूरी तरह बदल दिया। मुझे समझ आया कि IVT का असली फायदा कोई आक्रामक पिकअप या तेज़ एक्सीलरेशन नहीं है, बल्कि इसकी असली खूबी यह है कि यह आपकी पूरी ड्राइविंग को बेहद लीनियर और झटकारहित (Smooth) बना देता है। न बार-बार गियर बदलने का झंझट और न ही कोई लैग—लंबी दूरी के सफर में यही चीज़ ड्राइवर को सबसे ज्यादा सुकून देती है।

क्या प्रीमियम पेट्रोल (XP95) भरवाने से कोई जादू हुआ?

Can You Really Expect 19 km per liter from Hyundai Creta 1.5 Petrol

इस यात्रा पर निकलने से एक दिन पहले मैंने कार में IndianOil XP95 पेट्रोल टॉप-अप करवाया था। अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या सिर्फ इसी प्रीमियम फ्यूल की वजह से माइलेज में इतना बड़ा उछाल आया? मेरा जवाब थोड़ा व्यावहारिक है। हाँ, इस पेट्रोल की वजह से इंजन पहले से थोड़ा ज्यादा साइलेंट और रिफाइंड ज़रूर महसूस हो रहा था और थ्रॉटल रिस्पॉन्स भी काफी लीनियर था, लेकिन अगर मैं इसी कार को पूरे रास्ते 120 से 130 KM/h की स्पीड पर भगाता, तो शायद यह XP95 पेट्रोल भी मुझे 19 KM/L का माइलेज कभी नहीं निकाल कर दे पाता। मेरे इस रिजल्ट में सबसे बड़ा योगदान कार की तकनीक के साथ-साथ एक संतुलित ड्राइविंग स्टाइल और स्थिर स्पीड का था।

हाईवे पर Creta IVT का अनुभव: जितना सोचा था, उससे कहीं बेहतर निकला

सच कहूँ तो इस यात्रा से पहले मुझे सबसे ज़्यादा उत्सुकता और डर कार के IVT गियरबॉक्स को लेकर ही था। इंटरनेट पर इसके बारे में दो तरह की बिल्कुल अलग राय देखने को मिलती हैं कि कुछ लोग इसे मक्खन की तरह स्मूद बताते हैं, तो कुछ का कहना है कि हाईवे पर ओवरटेक करते समय इसमें पावर या दम की कमी महसूस होती है। इसलिए मैंने पहले ही तय कर लिया था कि इस सफर के दौरान मैं सिर्फ माइलेज के नंबरों पर नहीं, बल्कि वास्तविक ड्राइविंग एक्सपीरियंस पर भी पूरा ध्यान दूँगा। लेकिन करीब 350 KM की इस यात्रा को पूरा करने के बाद मेरी यह राय काफी हद तक बदल चुकी थी।

जैसे ही बेंगलुरु का भारी ट्रैफिक पीछे छूटा और खुला हाईवे शुरू हुआ, मैंने स्पीड को 90 से 100 KM/h के बीच स्थिर रखने की कोशिश की। इस गति पर इंजन लगभग 2,000 RPM के आसपास घूम रहा था और यहीं मुझे पहली बार अहसास हुआ कि हुंडई ने इस IVT गियरबॉक्स को आरामदायक ड्राइविंग के लिए कितना शानदार ट्यून किया है। गाड़ी में किसी भी तरह का तनाव या खिंचाव महसूस नहीं हो रहा था। इंजन अपनी सहज रफ्तार से काम कर रहा था और केबिन के अंदर इतनी गज़ब की शांति थी कि कई बार सिर्फ हवा की हल्की सी सरसराहट ही सुनाई देती थी। अगर कोई मुझसे पूछे कि क्रेटा IVT की सबसे बड़ी खूबी क्या है, तो मैं बिना एक सेकंड सोचे इसकी इसी ‘स्मूदनेस’ का नाम लूँगा।

ओवरटेक करते समय क्या कोई कमी महसूस हुई?

यही वह सबसे बड़ा सवाल है जो हर क्रेटा खरीदार के मन में होता है। अगर आप टर्बो पेट्रोल या डीज़ल SUV चलाने के आदी हैं, तो शुरुआत में क्रेटा का IVT आपको थोड़ा अलग या धीमा महसूस हो सकता है क्योंकि इसमें अचानक मिलने वाला वो तेज़ झटका (Instant Punch) नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यह कार हाईवे पर ओवरटेक नहीं कर सकती। इसका तरीका बस थोड़ा सा अलग है। अगर आप सामने की स्थिति को पहले से भांपकर थोड़ा सा प्लान करके एक्सीलरेटर दबाते हैं, तो कार बहुत आराम से स्पीड पकड़ती है और बिना किसी घबराहट या शोर के आगे निकल जाती है।

पूरी यात्रा के दौरान मुझे कई बार ट्रकों की लंबी कतारें मिलीं, लेकिन मैंने कोई जल्दबाज़ी नहीं दिखाई। जैसे ही मुझे सामने पर्याप्त जगह मिली, मैंने हल्का सा थ्रॉटल दिया और क्रेटा ने बिना किसी फालतू ड्रामे या इंजन के चीखे ओवरटेक पूरा कर दिया। यहीं मुझे समझ आया कि यह गाड़ी सड़क पर रेस लगाने वालों के लिए नहीं, बल्कि एक शांत, सुरक्षित और भरोसेमंद ड्राइव पसंद करने वालों के लिए बनी है।

स्टीयरिंग, सस्पेंशन और केबिन का आराम

  • स्टीयरिंग फीडबैक: शहर में क्रेटा का स्टीयरिंग काफी हल्का महसूस होता है जिससे पार्किंग या यू-टर्न लेना बेहद आसान रहता है, लेकिन हाईवे पर 100 KM/h के आसपास पहुँचते ही इसमें एक अच्छा और ज़रूरी वज़न (Weight) आ जाता है। लेन बदलते समय कार सड़क पर पूरी तरह स्थिर महसूस हो रही थी और क्रॉसविंड्स आने पर भी मुझे बार-बार स्टीयरिंग को संभालना नहीं पड़ा, जो ड्राइवर का आत्मविश्वास बहुत बढ़ाता है।
  • सस्पेंशन और राइड क्वालिटी: वैसे तो बेंगलुरु-चेन्नई हाईवे ज़्यादातर जगहों पर शानदार है, लेकिन बीच-बीच में कुछ पैच ऐसे भी मिले जहाँ सड़क बिल्कुल परफेक्ट नहीं थी। ऐसी जगहों पर क्रेटा का सस्पेंशन काफी संतुलित लगा। सड़क की हल्की टूट-फूट और छोटे गड्ढे केबिन तक बहुत कम महसूस हुए, जिससे कार में बैठे यात्रियों को बार-बार झटके नहीं लग रहे थे।
  • लंबी दूरी पर थकावट का न होना: मेरे लिए यह शायद इस पूरी यात्रा का सबसे बड़ा पॉजिटिव पॉइंट था। आमतौर पर लगातार चार घंटे ड्राइव करने के बाद कंधों और कमर में अकड़न महसूस होने लगती है। लेकिन क्रेटा की बेहतरीन सीटें, वेंटिलेशन और कमाल की ड्राइविंग पोज़िशन की वजह से सफर खत्म होने के बाद भी मेरे शरीर पर कोई दबाव महसूस नहीं हुआ। चेन्नई पहुँचने के बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं उम्मीद से कहीं कम थका हुआ था जो किसी भी अच्छी टूरिंग SUV की सबसे बड़ी पहचान होती है।

आखिर 18.5-19.1 KM/L का माइलेज कैसे मिला?

जब चेन्नई पहुँचने के बाद मैंने गाड़ी रोकी और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर 18.8 KM/L का ट्रिप एवरेज देखा, तो सच कहूँ कुछ पल के लिए मुझे खुद भी यकीन नहीं हुआ। इंटरनेट पर अक्सर लोग बताते हैं कि क्रेटा IVT हाईवे पर मुश्किल से 14 से 16 KM/L के बीच माइलेज देती है। ऐसे में लगभग 19 KM/L की रीडिंग देखकर पहला सवाल मेरे मन में भी यही आया कि आखिर यह कैसे मुमकिन हुआ? करीब दो-तीन मिनट तक मैंने पूरे ट्रिप डेटा को दोबारा देखा, लेकिन अलग-अलग स्क्रीन्स पर लगभग एक जैसी ही रीडिंग थी। तब मुझे समझ आया कि इस बार सिर्फ कार की तकनीक ने नहीं, बल्कि मेरी ड्राइविंग स्टाइल ने भी एक बड़ा रोल निभाया था।

मैं इस सफर पर कोई माइलेज टेस्ट करने का रिकॉर्ड बनाने नहीं निकला था। एयर कंडीशनर पूरी ट्रिप में 100% ऑन था, डिग्गी में हमारा सामान रखा था और जहाँ ज़रूरत पड़ी, वहाँ मैंने ओवरटेक भी किया।

बस एक चीज़ अलग थी जो कि मैंने पूरी यात्रा को रेस बनाने के बजाय बहुत ही शांत तरीके से चलाने का फैसला किया था। पूरे हाईवे पर मेरी कोशिश रही कि कार की स्पीड बार-बार ऊपर-नीचे न हो। 90 से 100 KM/h की स्थिर गति की वजह से इंजन आदर्श 2,000 RPM रेंज में बना रहा, जहाँ पेट्रोल थोड़ा कम जलता है।

हाईवे माइलेज का सबसे बड़ा दुश्मन होता है जो है कि बार-बार तेज़ एक्सीलरेटर दबाना और फिर अचानक ब्रेक लगाना। 

कई लोग हर छोटी जगह देखकर तुरंत गाड़ी घुसाने की कोशिश करते हैं और फिर पैनिक ब्रेक दबाते हैं, जिससे माइलेज बुरी तरह गिरती है। मैंने पूरे सफर में लेन डिसिप्लिन बनाए रखा। ट्रैफिक के छोटे-मोटे हिस्सों में भी मैं शांत बना रहा और जैसे ही सड़क खुली, कार बिना किसी झटके के दोबारा अपनी क्रूज़िंग स्पीड पर आ गई। यही वजह रही कि ट्रैफिक के बाद भी पूरे ट्रिप का औसत खराब नहीं हुआ।

इस यात्रा के बाद मेरा अंतिम व्यक्तिगत फैसला

शो-रूम में 10 मिनट की टेस्ट ड्राइव से आप कभी भी किसी कार का असली स्वभाव नहीं समझ सकते, लेकिन हाईवे पर बिताए गए ये 4-5 घंटे कार की हर खूबी और कमी को सामने ले आते हैं।

जो बातें मुझे सबसे ज्यादा पसंद आईं-

तनावमुक्त ड्राइविंग: IVT गियरबॉक्स के कारण क्लच और गियर बदलने का कोई झंझट नहीं रहता, जिससे लंबी दूरी पर भी मानसिक थकान न के बराबर होती है। 

बेजोड़ रिफाइनमेंट: हुंडई का पेट्रोल इंजन इतना शांत है कि केबिन के अंदर टायरों के शोर के अलावा इंजन की आवाज़ मुश्किल से ही सुनाई देती है। 

उम्मीद से बेहतर माइलेज: शांत और संतुलित ड्राइविंग के साथ 18–19 KM/L तक का आंकड़ा छूना इस कार के साथ बिल्कुल मुमकिन है।

जिनमें और बेहतर सुधार हो सकता था:

प्लान्ड ओवरटेकिंग: अचानक मिलने वाले तेज़ पिकअप (Instant Punch) की कमी के कारण हाईवे पर ओवरटेक करते समय ड्राइवर को पहले से थोड़ी प्लानिंग करनी पड़ती है। 

एग्रेसिव ड्राइविंग के लिए नहीं: अगर आपकी आदत हर समय तेज़ रफ्तार और स्पोर्टी ड्राइविंग की है, तो यह वेरिएंट आपको थोड़ा सुस्त लग सकता है।

ऑटोबाबा का अंतिम सुझाव (Editorial Verdict): अगर आपकी प्राथमिकता रोज़ की आरामदायक ड्राइविंग, शहर और हाईवे का मिश्रित उपयोग, परिवार के साथ लंबी यात्राएँ और एक स्मूद ऑटोमैटिक अनुभव है, तो Creta 1.5 Petrol IVT आपके लिए एक बेहद मजबूत और व्यावहारिक पैकेज है। लेकिन अगर आपकी पहली प्राथमिकता केवल हाई-परफॉर्मेंस और स्पोर्टी फील है, तो खरीदने से पहले इसके Turbo Petrol या Diesel Variant की टेस्ट ड्राइव भी ज़रूर लें। आखिरकार, कार की तकनीक से ज़्यादा फर्क आपकी खुद की ड्राइविंग आदतें पैदा करती हैं।

महत्वपूर्ण नोट (Reader Note): यह लेख बेंगलुरु से चेन्नई की एक वास्तविक हाईवे यात्रा और ओनर के पर्सनल ड्राइविंग अनुभव पर आधारित है। सफर के दौरान मिला यह माइलेज और परफॉर्मेंस आपकी ड्राइविंग शैली, सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, मौसम और वाहन की कंडीशन के हिसाब से अलग भी हो सकता है। हमारी टीम ने इस लेख को केवल भाषा, बनावट और इसे पढ़ने में आसान (Scannable) बनाने के लिए एडिट किया है।

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